लिखता हूँ, क्योँकि जिन्दा हूँ …

सांस है तो खुदा है, लिखता हूँ, क्योँकि जिन्दा हूँ । - सचिन धीरज

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छोटी सी बात

ज़िंदगी से परेशान एक सख्श मिला, मैंने पूछा क्यों भाई, बड़े परेशान दिख रहे हो, बात क्या है? उसने कहा क्या कहूँ भैया ! तीन बार खुदखिशी किया , साला हर बार बच जाता हूँ। मैंने कहा बेटा इश्क़ कर ले ।   Thanks for reading.