Live life in Reality ..

It was around 12 noon. I went to canteen of my office in the ground floor to have a cup of tea. It is a small canteen have the capacity of around 40 people. There is always rush in the canteen. People from other nearby offices also come to the same canteen. Luckily I found … Continue reading Live life in Reality ..

Advertisements

जो चोट खाकर बैठे है। 

kya baat !

KUCH RANG ZINDAGI KE With astha gangwar

जो चोट खाकर बैठे है

वो शायर बन बैठे है

टूटे दिल के सारे टुकड़े

अल्फाजो से जोड़ बैठे है

हाल ए दिल जमाने में

सुनाने और जाये कहां

कोरे पन्नो के सिवा

सब मशरूफ बैठे है

कोई मशगूल है खुद में

कोई किस्मत का मारा है

एक टूटा दिल लेकर के फिरता है

तो दूजे टूटे दिल का सौदा करने को बैठे है

आशिकी में है बस दर्द ही दर्द

खुशी का नाम झूठा है

जिसने की वो तो लुट ही गया

जिसने ना की वो करने को बैठे है

मालूम है कि दर्द ही मिलना है

मुकम्मल हो भी नहीं सकती

साथ छोङ चाहने वाले का

मुकद्दर का हाथ थामे बैठे है

अजीब है ये खेल जज्बातो का

साँसे तो आती जाती है

मगर किसी और के नाम से

ना जाने किसका दिल सीने में छुपाये बैठे है।

-आस्था गंगवार ©

View original post

गुजरा जब आज उस जगह से…

गुजरा जब आज उस जगह से, जहाँ कभी बचपन गुजरा करता था । सोचा की एक बार बैठ जाऊँ फिर से उस मिटटी पे , पर वहां तो पाऊँ रखने तक की जगह नहीं थी ।।                                                          - सचिन धीरज

छोटी सी बात

ज़िंदगी से परेशान एक सख्श मिला, मैंने पूछा क्यों भाई, बड़े परेशान दिख रहे हो, बात क्या है? उसने कहा क्या कहूँ भैया ! तीन बार खुदखिशी किया , साला हर बार बच जाता हूँ। मैंने कहा बेटा इश्क़ कर ले ।   Thanks for reading.